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Sunday, June 16, 2013

गूगल के गुब्बारे गाँवों तक पहुंचाएंगे इंटरनेट



इंटरनेट जायंट गूगल ने दुर्गम इलाकों को इंटरनेट से जोड़ने के लिए एक नई तकनीक ईजाद की है. इसके तहत गूगल ने आकाश में ऐसे प्रायोगिक गुब्बारे छोड़े हैं जो अपने आसपास के इलाकों में इंटरनेट सेवाएँ उपलब्ध कराएंगे.

कंपनी ने न्यूज़ीलैंड में 30 अत्यधिक दबाव वाले गुब्बारे छोडे़ हैं, जहाँ से वो दुनिया भर में एक नियंत्रित रास्ते पर उड़ते हुए जाएंगे.

इन गुब्बारों में लगे उपकरण रेंज में आनेवाले इलाके के बड़े हिस्से में '3जी' जैसी स्पीड वाली इंटरनेट सेवाएं मुहैय्या कराएंगे.

शुरुआत में यह सेवा थोड़ी अबाध नहीं मिल पाएगी.

लेकिन कंपनी को उम्मीद है कि समय के साथ वह पर्याप्त बेड़ा तैयार कर लेगी ताकि दुर्गम इलाकों में रह रहे लोगों को भरोसेमंद सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेगी.

गूगल ने इस परियोजना को 'प्रोजेक्ट लून' का नाम दिया है और उसने माना है कि अभी यह 'अत्यधिक प्रयोगात्मक' स्तर पर है.

प्रत्येक गुब्बारे का व्यास 15 मीटर है और इसमें उड़ने वाली गैस भरी हुई है.

गुब्बारे के नीचे कुछ इलेक्ट्रानिक उपकरण लटके हैं, जिसमें रेडियो एंटीना, एक फ्लाइट कम्प्यूटर, एक ऊँचाई नियंत्रक प्रणाली और ऊर्जा के लिए एक सोलर पैनल शामिल हैं.

गूगल ने बताया कि प्रत्येक गुब्बारा हवा में 100 दिन तक रहेगा और पश्चिम से पूर्व की ओर उड़ते हुए अपने आसपास 40 किलोमीटर के दायरे में इंटरनेट कनेक्टविटी उपलब्ध कराएगा.


सबके लिए इंटरनेट

कंपनी ने बताया कि इस परियोजना के जरिए दुनिया की दो-तिहाई आबादी को जोड़ा जाएगा, जिनके पास वाजिव कीमत पर इंटरनेट उपलब्ध नहीं है.
कंपनी ने न्यूजीलैंड में परीक्षण के लिए कुछ घरों पर विशेष एंटीने भी लगाएं गए हैं.
इस योजना पर काम कर रहे विभाग गूगल (एक्स) के मुख्य तकनीकी आर्किटेक्ट रिचर्ड डेवाल ने बताया, "लून के पीछे विचार यह है कि दुनिया को उस चीज के जरिए जोड़ना आसान होगा, जो सभी के पास समान तरीके से उपलब्ध है, यानी आकाश."
उन्मुक्त रूप से उड़ने वाले गुब्बारों के साथ एक दिक्कत यह है कि वो सही जगह पर हैं, यह कैसे सुनिश्चित किया जाएगा.
डेवाल बताते हैं, "हम यह नहीं चाहते हैं कि वो हवा से साथ बहते जाएं. हम चाहते हैं कि वो वहाँ जाएं जहाँ जमीन पर इंटरनेट की ज़रूरत है."
इसलिए उन्हें गूगल के 'मिशन कंट्रोल' के जरिए नियंत्रित किया जाएगा.
जब इन गुब्बारों की उम्र खत्म होने वाली होगी, साफ्टवेयर की मदद से उन्हें उतार लिया जाएगा ताकि स्थानीय कर्मचारी किट वापस ले लें.